सरकारी स्कूलों का गिरता हुआ स्तर – एक गंभीर शिक्षा संकट
The Awaaz India | Author: Shubham Pathak
भारत में शिक्षा को लोकतंत्र की आत्मा कहा जाता है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि हमारे सरकारी स्कूलों की स्थिति दिनों-दिन गिरती जा रही है। Enrollment में भारी गिरावट, कमजोर आधारभूत संरचना, शिक्षक अनुपस्थिति और घटती गुणवत्ता – ये सभी मिलकर सरकारी शिक्षा प्रणाली को एक गहरे संकट में धकेल रहे हैं।
📉 सरकारी स्कूलों में गिरता Enrollment
राष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2024-25 में 23 से अधिक राज्यों में सरकारी स्कूलों में छात्रों के नामांकन में भारी गिरावट आई। उत्तर प्रदेश में 21.8 लाख छात्रों ने सरकारी स्कूलों को छोड़ा, बिहार में 6.1 लाख और राजस्थान में 5.6 लाख छात्रों का ट्रांसफर प्राइवेट संस्थानों में हुआ। इसका मुख्य कारण है – सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता की कमी और लोगों का विश्वास खत्म होना।
📚 शिक्षा की गुणवत्ता में भारी गिरावट
PARAKH सर्वे के अनुसार कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों की बुनियादी गणित और भाषा की समझ चिंताजनक रूप से कमजोर पाई गई। Class 9 के केवल 28% छात्र ही प्रतिशत से जुड़ी अवधारणाएं समझ सके।
ASER 2024 रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 45.8% छात्र ही बुनियादी अंकगणित कर पाने में सक्षम हैं। इसका सीधा असर भविष्य के कौशल और रोज़गार पर पड़ेगा।
🏫 अधूरी आधारभूत सुविधाएँ
हज़ारों स्कूलों में अब भी फर्नीचर, पीने का पानी, टॉयलेट, स्मार्ट क्लास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। हरियाणा के नूह जिले में बच्चे अब भी फर्श पर बैठते हैं। इससे छात्रों का ध्यान भटकता है और सीखने की रुचि खत्म हो जाती है।
👨🏫 शिक्षकों की कमी और गैर-हाज़िरी
शिक्षकों की भारी कमी और मौजूद शिक्षक भी कई बार अनुपस्थित पाए गए हैं। ओडिशा के कोरापुट ज़िले में निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं थे और छात्र बुनियादी अंग्रेज़ी भी नहीं समझ पा रहे थे।
नोएडा और गाज़ियाबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में स्कूल मर्जर से छात्रों को दूर-दराज़ जाना पड़ रहा है, जिससे dropout की दर बढ़ी है।
📌 सरकार द्वारा उठाए गए कदम
- दिल्ली सरकार द्वारा ₹900 करोड़ की लागत से 18,000+ स्मार्ट बोर्ड की योजना
- कर्नाटक में Nali Kali मॉडल को हटाकर क्लासवाइज पढ़ाई की योजना
- ‘Shalege Ba’ अभियान – छात्रों को फिर से स्कूल लाने की कोशिश
- One Nation One Digital Platform जैसे डिजिटलीकरण प्रयास
📖 सुधार के लिए सुझाव
- शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और ट्रैनिंग अनिवार्य बनाना
- सरकारी स्कूलों के लिए अतिरिक्त बजट और पारदर्शिता
- गांवों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार
- NEP 2020 के लक्ष्यों को तेजी से लागू करना
🔗 महत्वपूर्ण लिंक
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