उत्तर प्रदेश में जातीय तनाव पर सीएम योगी की सख्त कार्रवाई
लेखक: The Awaaz India
दिनांक: 26 जून 2025
उत्तर प्रदेश के इटावा समेत तीन जिलों में हाल के दिनों में जातीय तनाव की घटनाएँ बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी ने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि किसी भी हालत में साम्प्रदायिक या जातिगत हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इटावा, कानपुर देहात और फिरोजाबाद में जातीय संघर्ष की शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें ज़मीन विवाद, पंचायत चुनाव की रंजिश और दबंगई के आरोप शामिल हैं। इन मामलों में कुछ राजनीतिक दलों पर भी लोगों को भड़काने का आरोप लगा है।
“उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह का जातीय वैमनस्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को सार्वजनिक रूप से चिन्हित कर कार्रवाई होगी ताकि समाज में एकता का संदेश जाए।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
प्रशासन की तैयारियाँ
- सभी ज़िलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
- संभावित विवादित गाँवों में विशेष निगरानी
- पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम एक्टिव
- कानून व्यवस्था को लेकर 24x7 कंट्रोल रूमउत्तर प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड में
इसके साथ ही योगी सरकार ने शांति समितियों को सक्रिय करने के आदेश दिए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर संवाद कायम रहे और किसी अफवाह को फैलने से रोका जा सके।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि “बीजेपी शासन में ही जातीय तनाव बढ़ा है।” वहीं बीजेपी नेताओं ने अखिलेश के बयान को जनता को गुमराह करने वाला बताया।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव नजदीक आने के साथ जातिगत और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका रहती है, लेकिन योगी सरकार का ताजा रुख दिखाता है कि प्रशासन इस बार और ज्यादा सतर्क रहेगा। आने वाले कुछ हफ्तों में यह देखा जाएगा कि इन सख्त निर्देशों का जमीनी असर कितना होता है।
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Source: The Awaaz India

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