कोलकाता में कानून कॉलेज छात्रा से गैंगरेप: शादी के प्रस्ताव को ठुकराने पर दोस्तों समेत चार ने किया हमला
लेखक: The Awaaz India Team
प्रकाशित: 29 जून 2025
कोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजधानी, एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना का गवाह बनी है। एक कानून कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई है जिसने न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है।
घटना 27 जून 2025 की रात की बताई जा रही है, जब छात्रा कॉलेज से अपने घर लौट रही थी। तभी रास्ते में उसे जबरन रोका गया और चार युवकों ने उसे अगवा कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस शर्मनाक वारदात का मास्टरमाइंड वही लड़का था, जिसने पहले छात्रा को शादी का प्रस्ताव दिया था। जब छात्रा ने उस प्रस्ताव को ठुकराया, तो उसने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप की योजना बनाई।
घटना का पूरा विवरण
पीड़िता एक प्राइवेट लॉ कॉलेज की छात्रा है और उसका रोजाना कॉलेज से घर आने-जाने का समय तय रहता था। इसी बात का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी मोनोजित मिश्रा ने अपने दोस्तों अर्जुन सिंह, राकेश यादव और दिलीप मंडल के साथ साजिश रची।
आरोपियों ने सुनसान इलाके में छात्रा को रोका और जबरदस्ती एक कार में बैठाकर ले गए। सुनसान जगह पर ले जाकर छात्रा के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया और जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया गया।
घटना के बाद किसी तरह छात्रा ने हिम्मत दिखाई और अपने परिवार को बताया। परिवार वालों ने तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई
कोलकाता पुलिस ने इस मामले में तेजी से जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और उनके खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, जिससे आरोपियों की पहचान पुख्ता हुई।
महिला आयोग और प्रशासन की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मामले में तेजी से न्याय दिलाने की अपील की है। आयोग की चेयरपर्सन ने कहा:
यह घटना बेहद दुखद और शर्मनाक है। दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में भय बना रहे।
समाज में गुस्सा और विरोध
घटना के बाद कोलकाता और आसपास के कॉलेजों में छात्रों और सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की और महिला सुरक्षा के प्रति प्रशासन की उदासीनता पर सवाल खड़े किए।
सोशल मीडिया पर भी #JusticeForKolkataStudent ट्रेंड कर रहा है, जिसमें हजारों लोगों ने छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की।
महिला सुरक्षा पर सवाल
इस तरह की घटनाएँ यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब भी गंभीर खामियां हैं। रोजाना कहीं न कहीं बलात्कार, छेड़खानी, दहेज हत्या जैसी वारदात सामने आती रहती हैं, जिससे समाज में डर और असुरक्षा का माहौल बनता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि महिला सशक्तिकरण और सख्त कानूनों के साथ-साथ समाज में मानसिकता बदलना भी उतना ही जरूरी है।
कानून की नजर में
भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (गैंगरेप) के तहत दोषियों को उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है। यदि पीड़िता की जान को खतरा हुआ तो फांसी तक की सजा भी संभव है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर इस केस को जल्दी निपटाया जाएगा।
The Awaaz India का नजरिया
The Awaaz India का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून का मसला नहीं है, यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। हर व्यक्ति को चाहिए कि अगर किसी महिला या लड़की के साथ अत्याचार होता दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। चुप रहना भी अपराध को बढ़ावा देता है।
हमारी टीम हर संभव कोशिश करती है कि ऐसे मामलों को उजागर किया जाए और पीड़िता को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की जाए।
निष्कर्ष
कोलकाता की यह घटना हमें फिर याद दिलाती है कि बेटियों और बहनों की सुरक्षा के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। एक शिक्षित लड़की, जिसने अपनी मर्जी से शादी से इंकार किया, उसके साथ ऐसा घिनौना कृत्य होना यह दिखाता है कि मानसिकता में बदलाव की सख्त जरूरत है।
दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और मासूम लड़की ऐसी हैवानियत का शिकार न बने।
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Author: The Awaaz India Team

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