Fake Currency Racket 2025: भारत में कैसे नकली नोटों का कारोबार Active है?
India में नकली नोटों का कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। हाल ही में Uttar Pradesh ATS, Delhi Police, और MP क्राइम ब्रांच ने कई गैंग पकड़े हैं, जो high-quality fake notes बना रहे थे या बॉर्डर से smuggle करके ला रहे थे।
Local Printing Hubs का बढ़ता खतरा
Lucknow जैसे शहरों में रिहायशी फ्लैट में प्रिंटर, स्कैनर, और Photoshop templates का इस्तेमाल करके local level पर fake ₹500, ₹2000 के नोट छापे जा रहे हैं। कई मामलों में Alibaba जैसे portals से security paper और special threads भी मंगाए गए हैं।
Bangladesh Border Smuggling
Delhi Police की रिपोर्ट के मुताबिक Bangladesh से आने वाली नकली करंसी ₹200-₹300 के भाव पर तस्करों को दी जाती है, जो भारत में circulations बढ़ा देते हैं।
Mastermind Syndicates
जैसे Hussain Peera गैंग — जो पूरे 6 राज्यों तक active था — local गुर्गों को ट्रेन करता था, जिससे ultra-realistic fake notes बाजार में पहुंचते।
Jail से रिहा होकर दोबारा नेटवर्क
MP के Dewas में पकड़े गए आरोपी ने जेल से लौटकर फिर से रैकेट शुरू कर दिया, यह trend law enforcement के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पुलिस और ATS का Action
ATS और Special Cells ने मिलकर लाखों के नकली नोट पकड़े और कई जगहों पर प्रिंटिंग मशीनों को जब्त किया है। Cyber टीम भी सोशल मीडिया पर फैले नकली नोट scam से जुड़े लोगों को ट्रैक कर रही है।
आम जनता के लिए चेतावनी
अगर आपको संदिग्ध नोट मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या cyber helpline पर रिपोर्ट करें। नकली नोट समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं।
कैसे पहचानें Fake Note?
- सिक्योरिटी थ्रेड और watermark चेक करें
- UV लाइट से देखे
- Texture और print quality की जांच करें
जागरूक रहें, और इस ब्लॉग को शेयर करें ताकि ज्यादा लोग सतर्क हो सकें।
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यह रिपोर्ट The Awaaz India द्वारा संकलित की गई है।
Final Words
नकली नोटों का खतरा देश में अब organized crime बन चुका है। सरकार और agencies इसे रोकने में जुटी हैं, लेकिन जनता की जागरूकता भी जरूरी है। The Awaaz India ऐसे ही सच सामने लाता रहेगा।


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