सोमवार, 30 जून 2025

हिम्मत रख: एक प्रेरक कविता जो आपके सपनों को नई उड़ान दे | The Awaaz India

हिम्मत रख — एक प्रेरक कविता

हिम्मत रख - प्रेरक कविता



कभी-कभी ज़िंदगी में हिम्मत टूटती है, रास्ते कठिन लगते हैं, लेकिन अगर हम कोशिश जारी रखें, तो जीत हमारी ही होगी। इसी भावना को समर्पित है ये कविता, जो आपके दिल में नई ऊर्जा भर देगी।

☀️ हिम्मत रख ☀️

रास्ता चाहे कैसा भी हो,
तू कदम बढ़ाता चल,
हर मुश्किल छोटी पड़ जाएगी,
जब तू मुस्कुराता चल।

खुद पर रख भरोसा पूरा,
तेरी मेहनत रंग लाएगी,
आज जो तू लड़ रहा है,
कल वही जीत कहलाएगी।

हार-जीत की परवाह न कर,
बस कोशिश करता जा,
मंज़िल पास ही बैठी है,
तू साहस से डरता ना।

थोड़ा दर्द, थोड़ी थकान,
ये राहों की पहचान है,
जो भी मंज़िल पाने निकला,
वो सब झेलेगा तूफान है।

गिरकर भी जो उठ जाए,
वही असली वीर है,
जो हालातों को बदल दे,
उसमें बसी तकदीर है।

रातों की कालिमा हटेगी,
सवेरा फिर मुस्काएगा,
तेरी मेहनत का हर कतरा
तेरे संग चलकर आएगा।

कदम कभी न रुकने देना,
जुनून की आग जलती रहे,
जो तेरे दिल ने ठान लिया,
उस तक दुनिया झुकती रहे।

तू अपने सपनों का दीवाना,
उनमें रंग भरो खुलकर,
जीवन एक सुनहरा मौका है,
इसको जियो दिल से धड़ककर।
    

लेखक:

The Awaaz India टीम

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